बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती ने शिशु बाल गृह, किशोरी गृह और क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण किया। स्कूलों में सफाई व्यवस्था उचित नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। निजी स्कूलों से शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश देने और अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
आयोग के सदस्य करगेती ने नगर के बख गांव में स्थित शिशु और किशोरी गृह में जाकर व्यवस्थाएं देखीं। दोनों सदनों की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष जताया। निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण अधिकारी चंद्रा चौहान ने बताया कि शिशुओं की देखभाल को मानक के मुताबिक आया नहीं हैं।
चार के बजाय एक मात्र आया 24 बच्चों की देखरेख कर रही है। इसके अलावा कार्मिकों ने अन्य समस्याएं उठाईं। श्री करगेती ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। जीजीआईसी एनटीडी के निरीक्षण में कक्षा कक्षों में उजाले को उचित प्रबंध नहीं मिले। स्कूल की सीढ़ियां भी टूटी थीं।
छात्राओं की उपस्थिति भी कम थी। श्री करगेती ने प्रधानाचार्य को कक्षाओं में लाइट के बेहतर प्रबंध करने, लघु मरम्मत मद से सुधार कार्य कराने और बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वीरशिवा स्कूल में पानी और बिजली की व्यवस्था उचित नहीं थी।
स्कूल में आरटीई के तहत छात्र संख्या के अनुपात में बीपीएल परिवार के 25 फीसदी बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश देने और रजिस्टर दुरुस्त रखने के निर्देश प्रधानाचार्य को दिए। प्रधानाचार्य विवेकाधीन अवकाश के चलते बंद होने से जीजीआईसी अल्मोड़ा बंद मिला। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर बनकोटी, नवीन वर्मा, रोहित शैली, अमन अंसारी, देवकी टम्टा, मोहन चंद्र जोशी आदि मौजूद थे।