कुंवाली कस्बे का विहंगम दृश्य।
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गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के दावों की हकीकत तहसील का सुदूरवर्ती कुंवाली क्षेत्र बयां कर रहा है। मूलभूत सुविधाएं तो दूर क्षेत्रवासी वर्षों से बैंक की शाखा के लिए भी तरस रहे हैं, जबकि यहां नौकरीपेशा, पूर्व सैनिक, अन्य पेंशनधारक रहते हैं। बैंक संबंधी कार्यों के लिए आज भी ग्रामीणों को 20 से 30 किमी की दौड़ लगानी पड़ती है।
कुंवाली में बैंक की शाखा खोलने की मांग 1995 से की जा रही है। इस मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रदर्शन कर जनप्रतिनिधियों का घेराव भी किया। तब उन्हें आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही बैंक की शाखा के लिए सर्वे होगा। बैंक की शाखा नहीं होने से ग्रामीणों को 15 किमी दूर मजखाली, 20 किमी दूर बग्वालीपोखर, 30 किमी दूर रानीखेत जाना पड़ता है। क्षेत्र की कुल आबादी 12 हजार से अधिक है, जबकि यहां 1000 से अधिक सरकारी कर्मचारी और अन्य पेंशनधारक भी रहते हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष जीवन सिंह, पूर्व बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह बिष्ट, संघर्ष समिति पट्टी कालीगाड़ की ओर से बैंक की शाखा को लेकर दो माह पूर्व पीएनबी के क्षेत्रीय कार्यालय काशीपुर को भी ज्ञापन भेजा गया है। इसके अलावा सीएम त्रिवेंद्र रावत, लोकसभा सांसद अजय टम्टा और राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा को भी ज्ञापन भेजे हैं।