अल्मोड़ा। जिले में कोरोना के मामले बढ़ने के बावजूद कई विभागों में सतर्कता नहीं बरती जा रही है। हालांकि विभिन्न कार्यालयों में लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग के बिना नहीं आने दिया जा रहा है लेकिन कई कार्यालयों में अब भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं हो पाई है। अल्मोड़ा के महिला अस्पताल, नगर पालिका कार्यालय, बैंकों आदि में स्क्रीनिंग जारी है। बिना स्क्रीनिंग के कार्यालयों में लोग प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं लेकिन जिला पंचायत, डीएसओ कार्यालय तक में भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। मरीजों की भीड़ वाले जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। वहीं अस्पताल में सेंसरयुक्त हैंड सैनिटाइजर मशीन कई दिनों से खराब है।
जिला अस्पताल में रोज सैकड़ों मरीज आते हैं लेकिन वहां मरीजों के थर्मल स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। थर्मल स्क्रीनिंग कराए बिना मरीज आ, जा रहे हैं। जिला और महिला अस्पताल में पिछले दिनों एक कोरोना मरीज इलाज के लिए आई थी। इसके चलते रेडियोलॉजिस्ट को एहतियातन सेल्फ क्वारंटीन में रहना पड़ा था। लगातार बढ़ रहे संक्रमण से लोगों में भय है लेकिन अस्पताल में स्क्रीनिंग नहीं हो पाई है। पिछले दिनों अस्पताल को मिली सेंसरयुक्त हैंड सैनिटाइजेशन मशीन भी अक्सर बंद रहती है। अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने बताया कि अस्पताल में स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही स्क्रीनिंग शुरू कर दी जाएगी। अस्पताल को मिली हैंड सैनिटाइजेशन मशीन का नोजिल खराब है। उसकी मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है।
होम क्वारंटीन के नियमों का पालन नहीं कर रहे कई लोग
अल्मोड़ा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद काफी मजदूर बिहार, नेपाल लौट गए थे। अब कई मजदूर लौटने लगे हैं लेकिन यह लोग होम क्वारंटीन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ढिलाई के चलते इनमें से कई मजदूर तीन-चार दिन कमरे में रहने के बाद काम पर लग रहे हैं। इससे कोरोना फैलने का खतरा है। सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कई कर्मचारी शनिवार-रविवार की छुट्टी पर जिलों से बाहर हल्द्वानी आदि जगह चले जा रहे हैं और फिर सोमवार को दफ्तरों में काम करने लगते हैं। इन तमाम कारणों से भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
क्वारंटीन अवधि में फड़ लगाकर राखी बेच रहे युवक के खिलाफ रुकदम
अल्मोड़ा। जिला बिजनौर (यूपी) के थाना अफजलगढ़ निवासी धर्म सिंह 29 जुलाई को अफजलगढ़ से अल्मोड़ा आया था। बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे रोका। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे प्रमाणपत्र देकर 14 दिन एहतियातन होम क्वारंटीन के निर्देश दिए थे लेकिन अगले ही दिन युवक रेमजे इंटर कॉलेज के पास फड़ लगाकर राखियां बेचने लगा। कोतवाल हरेंद्र चौधरी ने बताया कि युवक को क्वारंटीन के लिए निर्देशित किया गया था लेकिन वह नियम तोड़ बाजार में दुकान फड़ लगाकर बैठ गया। कोरोना काल में लोगों के जीवन को खतरे में डालने पर उसे पकड़ लिया गया। इस दौरान उसके खिलाफ धारा 188/269/270/271 और 2/3 महामारी अधिनियम, 51(बी) आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं पुलिस ने शुक्रवार को विभिन्न नियम तोड़ने पर कुल 85 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान इनके विरुद्ध कार्रवाई कर जुर्माना वसूूला गया। वहीं नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया। शुक्रवार को पुलिस ने बिना मास्क के बाजार में घूमने पर 17, दूरी के नियमों का पालन न कर संक्रमण फैलाने वाले 55 लोगों समेत कुल 72 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 19 क(1) महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की। इनसे कुल 7200 रुपये का संयोजन शुल्क जमा करवाया गया। सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग मचाने पर कुल 13 व्यक्तियों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 81 के और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर जिले में कुल 30 वाहन चालकों के चालान कर 4000 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।