चौबटिया स्थित उद्यान निदेशालय का भवन। संवाद न्यूज एजेंसी
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। चौबटिया स्थित उद्यान निदेशालय को देहरादून ले जाने के अनुमोदन से कर्मचारी संगठनों में भी आक्रोश है। संयुक्त उद्यान कार्मिक संगठन उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस तरह के औचित्यहीन अनुमोदन को खारिज करने की मांग की है। कहा कि कुछ अदूरदर्शी और निजी स्वार्थों में लिप्त अधिकारियों द्वारा इस तरह के प्रस्ताव बनाकर सरकार की छवि धूमिल की जा रही है। इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करने का भी आग्रह किया।
संगठन से जुड़े लोगों ने ज्ञापन में कहा है कि निदेशालय को देहरादून ले जाने का प्रस्ताव अव्यवहारिक है। इस तरह के प्रस्ताव तैयार करने वालों की उच्च स्तरीय जांच होनी जरूरी है। कहा कि निदेशालय के अपर निदेशक, उपनिदिशक नियोजन, उप निदेशक सांख्यिकी, उप निदेशक फल संस्करण कई वर्षों से यहां नियमित नहीं बैठते। निदेशालय के बजाय वह देहरादून में बैठते हैं, जबकि उनकी तनख्वाह निदेशालय से ही आहरित हो रही है। कहा कि इन चारों पदों अधिकारियों की नियुक्ति उप्र शासनकाल में पर्वतीय क्षेत्र के लिए विशेष तौर पर की गई थी, वर्तमान में इन अधिकारियों के यहां नियमित नहीं बैठने के कारण विभाग की छवि धूमिल हो रही है। इन अधिकारियों को निदेशालय में बैठने के निर्देश देने की मांग की गई। साथ ही यहां स्थायी निदेशक की तैनाती करने पर भी जोर दिया गया। ज्ञापन देने वालों में रमेश बोरा, जीवन सिंह, कृष्ण चंद्र बुधानी, तारा दत्त कांडपाल, दीवान नेगी, उमेश बिष्ट, सुरेंद्र जलाल आदि थेे।