कांग्रेस सरकार ने लोअर माल रोड से धारानौला तक करीब सवा किमी लंबी सुरंग (टनल) बनाने की योजना को मंजूरी दी थी। इसका सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है। इस योजना में करीब डेढ़ अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है। देखना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार इस योजना को आगे बढ़ाने में कितनी दिलचस्पी दिखाती है। यदि टनल बन जाती है तो रोडवेज स्टेशन से धारानौला तक की करीब दस से बारह की दूरी मात्र सवा किमी (1228 मीटर) में सिमट जाएगी। वहीं यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।
शहर में वाहनों का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है। मालरोड से धारानौला तक दस से बारह किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। दो साल पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टनल निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद टनल निर्माण की उपयुक्तता के परीक्षण को लोनिवि को 50 लाख रुपये अवमुक्त किए थे। इसके बाद लोनिवि प्रांतीय खंड ने टनल निर्माण की संभावना जांचने का काम गुरुग्राम की कंपनी एमबर्ग इंजीनियरिंग को सौंपा।
कंपनी ने लोअर मालरोड वर्कशॉप के समीप से सिकुड़ा बैंड धारानौला तक टनल निर्माण को फिजिबिलिटी परीक्षण किया। परीक्षण में विशेषज्ञों ने लोअर मालरोड से सिकुड़ा बैंड तक टनल के निर्माण को उपयुक्त पाया है। कंपनी ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट लोनिवि को गत वर्ष ही सौंप थी। इसके बाद लोनिवि ने रिपोर्ट शासन को भेज दी थी लेकिन कांग्रेस सरकार का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव के चलते इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब प्रदेश में भाजपा भारी बहुमत से सत्तारूढ़ हुई है। लोगों का मानना है कि अगर अल्मोड़ा में यह टनल बन जाए तो इससे जहां रोडवेज स्टेशन से धारानौला तक की करीब दस किमी की दूरी मात्र सवा किमी में सिमट जाएगी। साथ ही यह टनल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। देखना है कि भाजपा सरकार टनल निर्माण के निर्माण में कितनी दिलचस्पी लेती है।