सत्रह सूत्रीय मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर नगर में जुलूस निकाला। जुलूस में शिक्षक सरकार के खिलाफ और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। चौघानपाटा में हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाया। शिक्षकों के सामूहिक अवकाश पर रहने से प्राथमिक स्कूलों में बुधवार को पढ़ाई ठप रही।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से शिक्षक गांधी पार्क में एकत्र हुए। यहां से शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शहर में जुलूस निकाला। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर शासन से सहमति बनी थी, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों, समन्वयकों को कोषागार से नियमित वेतन भुगतान करने, रिक्त पदों पर पुन: परीक्षा का आयोजन किए जाने और परीक्षा में 4200 ग्रेड-पे वाले शिक्षकों को शामिल करने आदि की मांग उठाई।
उन्होंने राज्य कर्मियों की भांति एसीपी का लाभ देने, उच्चीकृत वेतन 6500 रुपये के आधार पर प्राथमिक शिक्षकों का एंट्री स्केल 16290 रुपये करने की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष किशोर जोशी ने सरकार पर शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाया। महामंत्री जगदीश सिंह भंडारी ने कहा कि सरकार शिक्षकों की मांगों की अनदेखी नहीं करे अन्यथा गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने होंगे। संचालन संजय जोशी और अनिल कांडपाल ने किया। प्रदर्शन में प्रांतीय पर्यवेक्षक मनोज तिवारी, प्रांतीय प्रचार मंत्री मीना शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, सुरेश जोशी, मनोज बिष्ट, संजय बिष्ट, डा. मोहन पांडे, चंद्रशेखर नेगी, शिवदत्त तिवारी, सोनू उप्रेती, हरीश जोशी, कृष्णा नाथ, मोहन सिंह, देवेंद्र कनवाल आदि ने भाग लिया।