नगाड़े निशानों के साथ बिखोती मेले में शिरकत करने जाते ग्रामीण।
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पाली पछांऊ के ऐतिहासिक पौराणिक स्याल्दे बिखोती मेले का शनिवार को उत्तराखंड की काशी नाम से विख्यात गुप्त सरस्वती, सुरभि एवं नंदिनी की त्रिवेणी स्थित विमांडेश्वर मंदिर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। अतिथियों ने मेले को संस्कृति का ध्वजवाहक बताते हुए इसके संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। विभिन्न विद्यालय के बच्चों ने शानदार कार्यक्रमों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया।
इससे पहले मुख्य अतिथि विधायक महेश नेगी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, मेला अध्यक्ष मुकुल शाह, बिखोती मेला अध्यक्ष रमेश चंद्र, ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट, रणां निवासी वयोवृद्ध पुजारी धर्मानंद, गोपाल दत्त, तारा प्रकाश पुजारी आदि नेदीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। महेश पंत सहित अन्य जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। देर रात्रि तक वहां स्थानीय विद्यालयों और सांस्कृतिक टीमों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। रात्रि में विभिन्न गांवों से ढोल, नगाड़ों और निशानों के साथ ग्रामीणों ने झोड़े चांचरी गाए। इससे पहले विभिन्न दलों से जुड़े लोगों ने वहां मंदिर की परिक्रमा की और झोड़े चांचरी गाए।
-इन विद्यालयों के बच्चों ने प्रस्तुत किए कार्यक्रम-
आदर्श इंटर कॉलेज सुरईखेत, प्राइमरी पाठशाला सुरईखेत, राजकीय इंटर कालेज बटुलिया, प्राथमिक विद्यालय बेढूली, रंणा, जूनियर हाईस्कूल रंणा, वलना।
आज होगा बटपुजै का मेला
द्वाराहाट। 14 अप्रैल को द्वाराहाट नगर में 11 बजे भव्य सांस्कृतिक झांकी एवं कार्निवाल के साथ बटपुजै मेले का आगाज होगा। अपरान्ह 3 बजे नौज्यूला धड़े द्वारा ओड़ा भेंटने की रस्म अदा की जाएगी। सायं 7 बजे से शीतला पुष्कर मैदान में स्थानीय विद्यालयों एवं सांस्कृतिक टीमें सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगी।