शोध कार्यों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते अतिथि।
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केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा हिमालय क्षेत्र की प्रमुख कठिनाई है। जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल के ऊपर पूरे देश की निगाहें हैं जिसके बाद इस संस्थान की जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। टम्टा भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जन्म दिवस और जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हिमालय पृथ्वी पर सबसे कम उम्र की पर्वतमालाओं में एक होने के साथ विशाल और विविधता से भरपूर है। इस क्षेत्र में मौजूद नौ हजार हिमनदों में लगभग 12 हजार घन किमी जल भंडार है। जो संपूर्ण उत्तर भारत की नदियों का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नेशनल मिशन ऑन हिमालयन स्टडीज योजना इस संस्थान को दी है।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और योजना आयोग, उत्तराखंड सरकार के पूर्व सलाहकार प्रो. एसपी सिंह ने जीबी पंत संस्थान में ‘हिमालय में जलवायु परिवर्तन: शोध उपलब्धियां, जटिलताएं एवं संस्थानों की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि हिमालय में तापमान वृद्धि की दर वैश्विक दर से 2-3 गुना अधिक मापी गई है। तालाबों एवं ग्लेशियरों के सूखने और पिघलने से हमारे पर्यटन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल के सेब बागानों का उत्पादन घट रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में शोध एवं विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए सिटिजन साइंस और मीडिया के सहयोग से यह संस्थान अगुवाई कर सकता है। विशिष्ट अतिथि भारतीय उपमहाद्वीप के विकास हेतु भारत सरकार की अभिकरण के उपाध्यक्ष पूर्व एडमिरल डीके जोशी ने संस्थान को उत्कृृष्ट शोधकार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि संस्थान आने वाले समय में और अधिक बुलंदियों को छुएगा। एटीआई नैनीताल के निदेशक अवनेंद्र सिंह नयाल ने कहा कि यहां के शोध कार्यों को और अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। संस्थान के निदेशक डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कि उनकी टीम संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए कृत संकल्प है। केंद्र प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एसके नंदी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री और उच्च शिक्षा डॉ. धन सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, विवेकानंद पर्वतीय संस्थान के निदेशक डॉ. ए पटनायक, पूर्व निदेशक डॉ. जेसी भट्ट, डीआरडीओ के पूर्व निदेशक डाॎ जोशी, सेंट्रल बैंक की प्रबंधक चंदना मेहरा, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के वैज्ञानिक डाॎ सुब्रतो बोस, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. वीडी सिंह, विरेंद्रनाथ, भाजपा जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, होटल शिखर के राजेश बिष्ट, समेत संस्थान के वैज्ञानिक, शोध छात्र आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वसुधा अग्निहोत्री ने और समापन संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक किरीट कुमार ने किया।