अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) का किसानों की आय वृद्धि एवं क्षेत्रीय विकास की दिशा में प्रयास रंग लाया है। संस्थान और सतौन स्पाइस ग्रोवर्स एसोसिएशन कोड़गा जिला सिरमौर हिमाचल प्रदेश के बीच वीएल लहसुन-2 प्रजाति के उत्पादन और विक्रय के लिए समझौता हुआ।
इससे पहाड़ी राज्यों के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। यह करार उच्च उपज एवं गुणवत्तायुक्त उत्पादन के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा। समझौते में वीपीकेएएस की ओर से निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत, आईटीएमयू अध्यक्ष डॉ. निर्मल हेडाऊ, फसल उत्पादन विभागाध्यक्ष डॉ. बीएम पांडे और स्पाइस ग्रोवर्स एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष भगवान सिंह, सुरेश चंद्र ने हस्ताक्षर किए।
संस्थान के वैज्ञानिकों एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस समझौते से किसानों के लिए नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी। तकनीकी सहयोग एवं वैज्ञानिक मार्गदर्शन के साथ यदि किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज सामग्री उपलब्ध कराई जाती है तो वह अपने उत्पादन को न केवल बढ़ा पाएंगे, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद के माध्यम से बाजार में उचित मूल्य भी प्राप्त कर सकेंगे। किसानों को लहसुन उत्पादन में नई तकनीकों का लाभ मिलेगा जिससे उनकी आजीविका में सुधार आएगा और क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।