अल्मोड़ा। जिले में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने से हृदय के मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। यहां फिजिशियन दिल के रोगियों का उपचार करते हैं। वहीं आपात स्थिति होने पर मरीजों को जांच और उपचार के लिए हल्द्वानी, बरेली और दिल्ली जैसे शहरों के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा जिले की करीब छह लाख से अधिक आबादी को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल संचालित हैं। बावजूद इसके जिले में हृदय के मरीजों के उपचार के लिए किसी भी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। न ही अस्पतालों में किसी प्रकार की जांच की सुविधा है।
ऐसे में अस्पताल पहुंचे हार्ट अटैक के मरीजों का उपचार फिजिशियन करते हैं। ईसीजी के जरिये ही दिल के मरीजों की स्थिति का पता लगाया जाता है। मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना अन्य चिकित्सकों की मजबूरी है। कई बार मरीज समय पर उपचार के अभाव में दम तोड़ देते हैं। वहीं जिले में इकोकार्डियोग्राफी और एंजियोग्राफी की सुविधा भी नहीं है।
वर्जन :
जिला स्तर पर वर्तमान में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के पद स्वीकृत नहीं हैं। जल्द शासन और महानिदेशालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर जिले में उच्च कोटि चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास हैं। - डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा