हवालबाग विकासखंड के मटेला में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र काश्तकारों को उन्नत कृषि तकनीक को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए जहां काश्तकारों को उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी दी जा रही है। वहीं उन्हें आत्म निर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार परक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
पंतनगर विश्वविद्यालय ने 2007 में मटेला में कृषि विज्ञान केंद्र की शाखा खोली। केंद्र में तैनात छह कृषि वैज्ञानिकों में तीन शस्य वैज्ञानिक, एक-एक उद्यान, फसल सुरक्षा, कृषि वानिकी वैज्ञानिक शामिल हैं।
केंद्र के माध्यम से काश्तकारों को उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में बताया जा रहा है। कृषकों को खेतों में ही उन्नत कृषि तकनीक, बीज, फसल उत्पादन, जैविक खाद के उपयोग आदि की जानकारी दी जा रही है।
साथ ही किसानों के लिए समय-समय पर कृषि गोष्ठी और किसान मेले भी आयोजित किए जाते हैं। केंद्र के वैज्ञानिक डा. बीडी सिंह ने बताया कि काश्तकारों को स्वरोजगार के लिए कंपोस्ट खाद, मशरूम उत्पादन, उद्यानीकरण का भी प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि उनका आर्थिक स्तर ऊंचा उठ सके।
पंतनगर से कृषि विशेषज्ञ मौके पर आकर काश्तकारों की शंकाओं और समस्याओं का समाधान भी करते हैं। जिले के करीब एक हजार कृषकों को भारत सरकार की एसएमएस सेवा का भी लाभ मिल रहा है।
काश्तकार एसएमएस कर कृषि सबंधी जानकारी और समस्याओं का समाधान भी कर सकते हैं। यही नहीं काश्तकारों को आत्मा परियोजना के माध्यम से पंतनगर और अन्य क्षेत्रों का भ्रमण भी कराया जाता है, ताकि वह अपने-अपने क्षेत्र में उन्नत खेती कर लाभ अर्जित कर सकें।