रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत क्षेत्र के हजारों लोगों की सेहत का जिम्मा संभाले उप जिला चिकित्सालय एंबुलेंस सेवा की कमी से जूझ रहा है। यहां की त्रासदी एक अनार सौ बीमार से बहुत ज्यादा है। क्षेत्र की लगभग 60 हजार की आबादी एक वाहन के भरोसे छोड़ दी गई है।
जब किसी मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर उसे हायर सेंटर जैसे हल्द्वानी या बरेली रेफर करते हैं तो उसे हायर सेंटर ले जाने के लिए अक्सर एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। यहां उपलब्ध एकमात्र एंबुलेंस के बारे में पूछने पर अक्सर जवाब मिलता है कि व्यस्त है। रास्ते में है या फिलहाल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों को अपनी जान बचाने के लिए निजी एंबुलेंस, टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए ये खर्च वहन करना आसान नहीं है। कई बार तो सिर्फ एंबुलेंस में देरी के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाता।