शहर में बहुप्रतीक्षित हरिप्रसाद टम्टा धर्मशाला का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। धर्मशाला निर्माण के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से एक करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। जल्द ही यह धनराशि जिला प्रशासन को अवमुक्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
पूर्व में शहर के मालरोड में हरि प्रसाद टम्टा और भैरव मंदिर के पास लोकनाथ पंत धर्मशालाएं थी। जीर्णशीर्ण होने पर पालिका परिषद ने करीब आठ साल पहले यह धर्मशालाएं तोड़ दी थी।
शासन से पालिका परिषद को पूर्व में लोकनाथ पंत धर्मशाला के पुनर्निर्माण के लिए करीब 53 लाख और टम्टा धर्मशाला के निर्माण के लिए करीब 36 लाख रुपये मंजूर हुए थे। इनके लिए क्रमश: 40 लाख और 27 लाख रुपये अवमुक्त हुए, लेकिन पूर्व के बोर्ड ने यह धनराशि दूसरे मद खर्च कर दी।
जिसे यह काम अधर में लटक गया था। धर्मशाला नहीं होने से राहगीरों, निराश्रितों के रुकने के लिए शहर में कोई स्थान नहीं है। उन्हें महंगे होटलों में रहना पड़ता है।
लोगों की मांग पर 10 सितंबर 2015 को भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत जयंती कार्यक्रम के दौरान खूंट में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिप्रसाद टम्टा धर्मशाला निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बाद पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने भी इसी धर्मशाला के लिए 50 लाख रुपये और देने की घोषणा की।
आरईएस ने 145.54 लाख का आगणन पालिका के माध्यम से शासन को भेजा था। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि प्रदेश कैबिनेट ने हरिप्रसाद टम्टा धर्मशाला निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
यह धनराशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से अवमुक्त होकर डीएम के खाते में आएगी। धनराशि अवमुक्त होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। पालिकाध्यक्ष ने इसके लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा का आभार जताया है।