रविवार की देर शाम हुई ओलावृष्टि ने रानीखेत क्षेत्र के काश्तकारों की कमर तोड़कर रख दी है। सब्जी उत्पादक बेल्ट ताड़ीखेत विकासखंड के दर्जनभर से अधिक स्थानों पर ओलों ने फल और सब्जियां पूरी तरह से तबाह कर दी हैं। आम के पेड़ों में पत्ते तक नहीं बचे हैं, जबकि इस बार आम की अच्छी फसल हुई थी। इन स्थानों पर काश्तकार सब्जी और फल उत्पादन से ही डेढ़ से दो लाख रुपये सालाना कमा लेते थे, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ-तहस नहस कर दिया है।
ताड़ीखेत ब्लॉक के टूनाकोट, तिपौला, तिपौला सेरा, डौनी, पातली, हल्द्यानी, विशालकोट सहित तमाम स्थानों पर काश्तकारों ने शिमलामिर्च, मिर्च, फ्रासबीन, गोभी, टमाटर सहित तमाम तरह की सब्जियों का उत्पादन किया हुआ था। तिपौला के प्रधान श्याम सिंह ने बताया कि रविवार सायंकाल हुई भारी ओलावृष्टि ने सब कुछ तबाह कर दिया है।
इस बार आम का उत्पादन भी प्रचुर मात्रा में हुआ था, आम की फली तक बनने लग गई थी, आम की फसल से काश्तकारों के चेहरे खिले हुए थे, लेकिन ओलावृष्टि के कारण आम की फली पूरी तरह से गिर गई। इसके अलावा ताड़ीखेत ब्लॉक के कई स्थानों पर फल सब्जियों का उत्पादन तबाह हो चुका है। हालांकि किसानों के आलू की खेती बच गई। कुछ दिन पहले ही किसानों ने आलू खोद लिए थे। भाजपा के मदन माहरा, ध्यान सिंह नेगी, कांग्रेस के त्रिभुवन फर्त्याल ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है