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गुलदार की खाल के मामले में तीन साल का कारावास

Thu, 24 Nov 2016 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
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गुलदार की खाल बरामद होने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी की अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि इस मामले में नामजद एक अन्य आरोपी को दोषमुक्त किया गया। 

जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2012 में सोमेश्वर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष रमेश सिंह नेगी और अन्य पुलिस कर्मियों ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कौसानी के सोमेश्वर की तरफ आ रही सफेद रंग की आल्टो कार संख्या यूके टीए 0591 की धौलाड़ पेट्रोल पंप से 100 मीटर पहले तलाशी ली। तलाशी में अरोपियों के पास से आठ फीट लंबी और दो फीट चौड़ी गुलदार की खाल बरामद हुई। खाल के साथ ही गुलदार के दांत और नाखून मौजूद थे। तलाशी के समय आरोपी संजय सिंह मेहरा कार चला रहा था तथा नवीन सिंह दोसाद उसकी बगल की सीट पर बैठा था। उसकी गोद में रखे बैग के भीतर रखे प्लास्टिक के थैले से गुलदार की खाल बरामद हुई। 
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इसके बाद थानाध्यक्ष सोमेश्वर द्वारा मामले की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा वन प्रभाग अल्मोड़ा ने आरोपी संजय सिंह मेहरा  पुत्र विशन सिंह, ग्राम वलना, थाना बैजनाथ, जिला बागेश्वर और नवीन सिंह  दोसाद पुत्र केदार सिंह दोसाद निवासी छानी थाना सोमेश्वर, जिला अल्मोड़ा के  खिलाफ धारा 50/51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत न्यायालय में  परिवाद प्रस्तुत किया गया। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता कुमारी की अदालत में चला। अभियोगी पक्ष द्वारा न्यायालय में छह गवाह परीक्षित कराए गए। न्यायालय ने पत्रावली में मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नवीन सिंह दोसाद को धारा 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास, दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त नवीन सिंह दोसाद को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा। अभियुक्त संजय सिंह मेहरा को धारा 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषमुक्त किया गया। वन विभाग की ओर से अधिवक्ता पीसी तिवारी और मनोज पंत ने पैरवी की।
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