बदमाशों ने अल्मोड़ा से गैराड़ मंदिर में पूजा करने गए कुछ श्रद्धालुओं पर लोहे की रॉड और लात-घूंसों से हमला कर दिया। इसमें एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक युवक को भी चोटें आई हैं। बदमाशों ने महिलाओं से भी सरेआम अभद्रता की। घटना को लेकर पूजा करने गई महिलाओं में रोष है। उन्होंने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। फिलहाल घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
जानकारी के मुताबिक अल्मोड़ा के जाखनदेवी मोहल्ले के करीब तीन दर्जन लोग कफड़खान के निकट स्थित गैराड़ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गए थे। उन्होंने मंदिर से कुछ दूरी पर अपने वाहन खड़े किए थे। पूजा करने के बाद शाम को जब श्रद्धालुगण वाहनों के पास लौटे तो वहां कुछ संदिग्ध किस्म के 10-15 लोग शराब पीकर हंगामा मचा रहे थे। इनमें से कुछ श्रद्धालुओं के वाहन के ऊपर बैठे थे। हुकम सिंह और कुछ अन्य लोगों ने उनसे वाहन से हटने को कहा तो बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए लोहे की रॉड से हुकम सिंह के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया।
हुकम सिंह के सिर से काफी रक्तस्राव हो गया। उनके रिश्तेदार किसी तरह उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए। बताया गया है कि बदमाशों ने महिलाओं से भी अभद्रता की और रोकने पर हुकम सिंह के पुत्र मौलिक मेहता और कुछ अन्य श्रद्धालुओं की भी पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल हुकम सिंह की पत्नी का आरोप है कि बदमाशों ने उनसे भी अभद्रता की और इज्जत लूटने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि बदमाश जान से मारने की धमकी देकर वहां से अपने वाहनों से फरार हो गए।
पीड़ितों ने बताया कि वह घटना की रिपोर्ट लिखाने एनटीडी चौकी गए थे, लेकिन पुलिस ने राजस्व क्षेत्र का मामला बताकर एफआईआर दर्ज नहीं की। बताया गया है कि यह मामला राजस्व क्षेत्र बाड़ेछीना के अंतर्गत आता है। पीड़ित लोगों ने बताया कि उन्होंने कुछ बदमाशों को पहचान लिया है। उनका आरोप है कि बदमाश अल्मोड़ा के ही रहने वाले हैं। इन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
इधर पूजा करके लौटी महिलाओं ने इस घटना पर रोष जताते हुए कहा कि इन बदमाशों ने गैराड़ मंदिर के निकट शराब का अड्डा बनाकर मंदिर की पवित्रता को भी नुकसान पहुंचाने का काम किया है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस तरह के असामाजिक तत्व आए दिन गैराड़ मंदिर के पास शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं लेकिन राजस्व पुलिस का क्षेत्र बताकर पुलिस प्रशासन पल्ला झाड़ लेता है।