केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी मानकर बजट उपलब्ध करा रही हैयतों के विकास कार्यों के लिए चौदहवें वित्त आयोग से पहली किश्त के । चालू वित्तीय वर्ष में जिले की 1168 ग्राम पंचा12 करोड़ 79 लाख 88 हजार रुपये मिल गए हैं।
इस धनराशि से ग्राम पंचायतें परिसंपत्तियों के संरक्षण समेत अन्य विकास कार्य कर सकेंगी। इससे गांवों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। केंद्र की मोदी सरकार ने यह पैसा जिला पंचायत अथवा क्षेत्र पंचायत के माध्यम के बजाय सीधे ग्राम पंचायतों को देने की नीति बनाई है। ताकि ग्राम स्तर पर ही विकास कार्य हो सकें।
पूर्व के वर्षों तक ग्राम पंचायतों के विकास को काफी कम बजट जारी होता था। यह बजट तीन से चार करोड़ रुपये तक ही सीमित रहता था। काफी कम बजट मिलने पर गांवों के विकास कार्य प्रभावित होते थे। अब केंद्र की मोदी सरकार गांवों के विकास को बढ़ावा दे रही है। पूर्व में ग्राम पंचायतों को जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के माध्यम से बजट मिलता था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने यह बजट सीधे ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में जिले की 1168 ग्राम पंचायतों के लिए चौदहवें वित्त आयोग से पहली किश्त में 12 करोड़ 79 लाख 88 हजार रुपये जारी कर दिए हैं। यह धनराशि ग्राम पंचायतों को शासन के मानकों के अनुसार जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर मिलेगी।
गांवों में विकास कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक में योजनाओं के प्रस्ताव पास करने होते हैं। केंद्र से मिली इस धनराशि से ग्राम पंचायतें गांवों में परिसंपत्तियों के संरक्षण, पथ प्रकाश, पेयजल, स्वच्छता, नौलों, धारों के संरक्षण, प्राथमिक स्कूलों और पंचायत घरों में शौचालयों का निर्माण आदि कार्य करवा सकती हैं। जिला पंचायत राज विभाग यह धनराशि गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के संयुक्त खाते में अवमुक्त करता है।जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि चौदहवें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए बजट की पहली किश्त मिल गई है। यह धनराशि इसी सप्ताह ग्राम पंचायतों के खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी।