विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने धौलादेवी ब्लॉक में विकेंद्रित जलागम विकास परियोजना (ग्राम्या-फेस टू) की शुरुआत की। छह वर्ष की परियोजना के तहत विकासखंड की 87 ग्राम पंचायतों के लिए 52 करोड़ से अधिक की धनराशि मंजूर है। इस मौके पर कुंजवाल ने कहा कि परियोजना की सफलता के लिए ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को ईमानदारी और समर्पण से काम करना होगा। उन्होंने चयनित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को 16 लाख के चेक बांटे।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं की सफलता समाज पर निर्भर होती है। पंचायत प्रतिनिधि विशेषकर ग्राम प्रधानों को संकल्पबद्ध होकर काम करना होगा। परियोजना के तहत योजनाओं का चयन खुली बैठकों के माध्यम से होना है। ग्राम प्रधान बैठकों में हर परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करें। धन का सदुपयोग कर पात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। ब्लॉक प्रमुख पीतांबर पांडे ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी से गांव के समुचित विकास, लोगों की आय संवर्द्धन, जल संवर्द्धन, जल संरक्षण आदि के लिए सामूहिक भागीदारी जरूरी है। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा ने किया।
ग्राम्या के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरीशंकर आर्या ने परियोजना के कामों के बारे में बताया। उप परियोजना निदेशक डा. एसके उपाध्याय ने ग्राम्या की कार्ययोजना, बजट और लोगों के भागीदारी की जानकारी दी। इस मौके पर सीडीओ डा. अहमद इकबाल, बीडीओ हेम चंद्र सती, मुख्य कृषि अधिकारी डा. अभय सक्सेना, जिला पंचायत सदस्य निर्मला भैंसोड़ा यूनिट इंचार्ज हरेंद्र बिष्ट, सुरेश मौर्र्य, बीएस बोरा आदि मौजूद थे।
परियोजना से छूटे गांवों में चलेंगे अन्य कार्यक्रम
धौलादेवी ब्लॉक की 110 ग्राम पंचायतों में से ग्राम्या परियोजना में 87 ग्राम पंचायतों को ही लिया गया है। शेष 23 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से मुलाकात कर वंचित ग्राम पंचायतों को भी परियोजना में शामिल करवाए जाने की मांग की। कुंजवाल ने कहा कि छूटी ग्राम पंचायतों को परियोजना में नहीं जोड़ा जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन गांवों के लिए अन्य परियोजना स्वीकृत कराने के प्रयास होंगे।