सैकड़ों शिक्षकों को अप्रशिक्षित करार दिए जाने से प्राथमिक शिक्षक संघ की स्थानीय शाखा भड़क उठी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2001 से 2017 तक डीएलएड और विशिष्ट बीटीसी प्राप्त शिक्षकों को 2019 से अप्रशिक्षित करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर सात दिसंबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।
यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है। शिक्षकों ने सरकारी नियमों के आधार पर ही प्रशिक्षण प्राप्त किया है। फिर अब क्यों उन्हें अप्रशिक्षित करार दिया जा रहा है। प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता नहीं मिलना सरकारों की ही लापरवाही है। वक्ताओं ने कहा कि उनका प्रशिक्षण अवैध नहीं है। शीघ्र इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। न्यायालय की शरण में जाने की भी चेतावनी दी गई। सात दिसंबर को गैरसैंण में विधानसभा सत्र का घेराव किया जाएगा। इस दौरान नंदा बल्लभ मैनाली, भुवन चंद्र पांडे, बलवंत अधिकारी, पूरन बिष्ट, गिरधर राणा, तारा रौतेला, ललित मोहन, हरीश राणा, राजेंद्र जोशी, जगदीश कांडपाल आदि शिक्षक मौजूद थे।