अल्मोड़ा। उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच की उत्तराखंड का पानी और उत्तराखंड की जवानी बचाने को यात्रा रविवार को अल्मोड़ा पहुंची। प्रेरणा सदन में हुए कार्यक्रम में मंच के पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। उन्होंने लोगों से विभिन्न मांगों को लेकर दो दिसंबर को परेड ग्राउंड देहरादून में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया। प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था तुरंत लागू करने की भी मांग की गई।
मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर के नेतृत्व में पहुंची यात्रा का यहां स्वागत हुआ। प्रेरणा सदन में हुए कार्यक्रम में दौलत कुंवर ने कहा कि प्रदेश में तीन साल से अनुसूचित जाति जनजाति के बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। राज्य बनने के बाद उपलन में भर्ती किए गए कार्मिकों के लिए किसी प्रकार की संवैधानिक नियमावली का पालन नहीं किया गया है। मांग उठाई कि चारों धामों के मंदिर समितियों में अनुसूचित जाति के लोगों का विभिन्न पदों पर निर्धारित आरक्षण कोटा भरा जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के पहले से उत्तराखंड में रह रहे व्यक्तियों को शीघ्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करें। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में वाल्मीकि समाज को आज तक जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। उत्तराखंड में सभी मस्जिदों को वक्फ बोर्ड के अंतर्गत संचालित किया जाए। यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो मंच आंदोलन तेज करेगा। कार्यक्रम में नीलिमा कोहली, दीपक कुमार गुलाटी, योगेश कुमार, आकाश कुमार, रविंदर आर्य, सुभाष चंद्रा, मनोज कुमार, सुभाष कुमार, प्रेमचंद्र, राजेंद्र प्रसाद, पंचेश्वर भूपेंद्र प्रसाद, अशोक कुमार, ललित लाल डा. जगदीश टम्टा आदि मौजूद थे।
किशोर कुमार मंच के जिलाध्यक्ष बने
अल्मोड़ा। उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच की कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। महेश चंद्र आर्य को प्रदेश महासचिव, लल्लू लाल को प्रदेश सचिव, किशोर कुमार को जिला अध्यक्ष अल्मोड़ा नियुक्त किया गया।