अल्मोड़ा। जन स्वास्थ्य संघर्ष मोर्चा के संयोजक और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि चौखुटिया में चल रहा स्वास्थ्य आंदोलन केवल क्षेत्र का नहीं पूरे पर्वतीय क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवा का दर्द है। इस मामले में सरकार को बृहद जनसुनवाई कर जनहित में नीति निर्धारण करनी चाहिए।
रविवार को नगर के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का नैतिक दायित्व है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का कारण सरकार की खराब नीतियां हैं। सरकार को आशा वर्कर से लेकर प्रशासकों, तकनीशियन से लेकर विशेषज्ञ डॉक्टरों और नौकरशाहों से लेकर आम जनता को शामिल कर बेहतर स्वास्थ्य नीति तैयार करने के लिए बृहद जनसुनवाई करनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य पता लगने के साथ ही कारगर नीति तैयार हो सके।
डॉक्टरों की पदोन्नति और वेतन वृद्धि जायज है, लेकिन उन्हें क्लर्क बना कार्यालयों में बैठाकर जनता को उनकी विशेषज्ञता के लाभ से वंचित रखना जनता के साथ सरासर अन्याय है। कहा समान नागरिक संहिता की तरह ही सरकार को समान स्वास्थ्य सुविधा का भी कानून बनना चाहिए। उन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांचों और दवाओं में कथित मिलीभगत और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए जनता को एकजुट होकर जन आंदोलन चलाने की जरूरत है। इस मौके पर डॉ. पुष्कर सिंह बिष्ट, आनंदी मनराल, नारायण राम, मोहम्मद साकिब, जगदीश पांडे आदि मौजूद थे।