नया शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन सरकारी स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत सभी छात्राओं के अलावा एससी, एसटी और बीपीएल वर्ग के बालकों को अब तक स्कूल ड्रेस नहीं मिली है।
जिसके चलते इन वर्गों के 50946 में से अधिकांश बच्चे पुरानी स्कूल ड्रेस और नए प्रवेशार्थी बगैर ड्रेस के स्कूल पहुंच रहे हैं।सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत सरकार प्राथमिक से लेकर कक्षा आठ तक अध्ययनरत सभी छात्राओं, अनुसूचित जाति, जनजाति और बीपीएल वर्ग के छात्रों को प्रतिवर्ष दो-दो जोड़ी स्कूल ड्रेस प्रदान करती है। इसके लिए प्रति विद्यार्थी चार सौ रुपये स्वीकृत होते हैं।
जिले में राजकीय स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक स्कूल ड्रेस पाने के कुल 50946 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें 29457 छात्राएं, अनुसूचित जाति के 9185 छात्र, अनुसूचित जनजाति के 45 छात्र और बीपीएल परिवार के 12259 छात्र शामिल हैं।
नया शिक्षा सत्र अप्रैल से प्रारंभ हो गया है। सत्र शुरू हुए तीन माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी इन छात्र-छात्राओं को शिक्षा विभाग नई ड्रेस के लिए बजट उपलब्ध नहीं करा पाया है। नई ड्रेस नहीं मिलने से बच्चे पुरानी ड्रेस और नए प्रवेशार्थी बिना स्कूल ड्रेस के विद्यालंय आ रहे हैं। जिला दशिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) राय साहब यादव ने बताया कि पात्र बच्चों को स्कूल ड्रेस प्रदान करने के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत है। इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है,