काकड़ीघाट के निकट सूख चुके पीपल वृक्ष का प्रतिरूप ज्ञान वृक्ष 15 जुलाई को समारोह के साथ रोपा जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। वीपीकेएस के निदेशक अरुणव पटनायक ने दोपहर 12:30 बजे से होने वाले समारोह में सभी लोगों से पहुंचने का आग्रह किया है।
मालूम हो कि काकड़ीघाट स्थित पीपल वृक्ष के नीचे 1890 में स्वामी विवेकानंद को ज्ञान प्राप्ति हुई थी। यह पवित्र पेड़ कुछ समय पहले सूख गया है। इसके सूखने से पहले ही विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान और पंत नगर कृषि विश्वविद्यालय, सीएएफआरआई के वैज्ञानिकों ने मूलवृक्ष के क्लोन बनाए हैं।
इसी क्लोन से तैयार पौधे को ही अब ज्ञान वृक्ष के तौर पर काकड़ीघाट में लगाया जा रहा है। वीपीकेएस निदेशक डा. अरुणव पटनायक ने बताया कि सूख चुके वृक्ष के स्थान पर क्लोन से तैयार स्वामी विवेकानंद ज्ञानवृक्ष (पौध) लगाने का समारोह आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी लोगों से समारोह में पहुंचने का आग्रह किया है।