अल्मोड़ा के चौघानपाटा में प्रदेश सरकार का पुतला जलाते लोग।
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अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्र में जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) लागू हुए बुधवार को दो साल पूरे हो चुके हैं। डीडीए वापस लेने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों ने चौघानपाटा में प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने डीडीए और राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
समिति के संयोजक पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि डीडीए लागू हुए दो साल पूरे हो चुके हैं। प्रदेश सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर पर्वतीय क्षेत्र में डीडीए लागू किया है। इस काले कानून के कारण जनता को भवन निर्माण में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में स्थानीय सांसद और विधायकों को कई बार अवगत करा दिया गया है। उनसे डीडीए समाप्त करने की मांग की जा चुकी है पर सत्तारूढ़ दल के प्रतिनिधि मौन साधे हुए हैं।
पुतला जलाने वालों में कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, प्रताप सत्याल, लक्ष्मण ऐठानी, नूर खान, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, मदन डांगी, अख्तर हुसैन, सचिन आर्या, आनंदी वर्मा, राजेंद्र बोरा, लीला खोलिया, राजू गिरि, रमेश नेगी, धीरज रावत, पूनम मेहरा, किशोर कुमार, संदीप बिष्ट, गणेश प्रसाद, त्रिभुवन पांडे, तारा चंद्र जोशी, लता तिवारी आदि शामिल थे।