अल्मोड़ा के गणाऊं में निकली मां गौरा और महेश के डोले की शोभा यात्रा में शामिल महिलाएं।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत गणाऊं में स्थित पंचायत घर में पांच दिनी गौरा महोत्सव आयोजित किया गया। इसके समापन पर गौरा और महेश के डोले की शोभायात्रा निकली। देव नौला में मूर्तियों को विसर्जित किया गया। शोभायात्रा में महिलाएं गीतों पर नाचती हुईं चल रहीं थीं। ग्रामीणों ने झोड़ा, चांचरी का गायन किया।
गौरा महोत्सव के तहत महिलाओं ने व्रत रखकर विधि विधान से मां गौरा और भगवान महेश की मूर्तियों की आरती उतारी और गौरा महोत्सव के गीत गाए। महिलाओं ने ‘पैर-पैर गौरा नौ लखिया हार..’, ‘ओ फूल हजारी को फूल त्वै फूल देवी चढ़ूंला...’ ‘मैं किले ब्याही बौज्यू यो ऊंचा हिमाला डाणा...’ समेत कई गीत गाए। गीत और भजनों की प्रस्तुति से गांव का वातावरण भक्तिमय रहा। महिलाओं ने मां गौरा के भजन गाए और नृत्य किया। ‘खोल दे माता खोल भवानी धरम किवाड़ा’ समेत कई झोड़े गाए गए। ग्रामोत्थान सेवा समिति गणाऊं के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भट्ट ने बताया कि व्रतधारी महिलाओं ने विधिविधान से धान, गेहूं आदि के पौधों से भगवान महेश और मां गौरा की मूर्ति बनायी जाती है। मान्यता है कि जो भी निसंतान महिलाएं श्रद्धा और भक्तिभाव से मूर्तियों को झुलाती हैं उन्हें अवश्य संतान प्राप्ति होती है। डोले की शोभा यात्रा में मोहनी देवी, रेखा देवी, चंपा देवी, अनीता देवी, सीता देवी, कलावती भट्ट, खिला भट्ट, राधिका भट्ट आदि रहे।