अल्मोड़ा में जीएनएम प्रशिक्षण घोटाले की जांच के लिए शासन के निर्देश पर एसएसपी पी रेणुकादेवी की निगरानी में गठित एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला से बातचीत में एसएसपी ने बताया कि 15 जनवरी तक जांच पूरी कर ली जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि एकेडमिक एजुकेशन कंसलटेंसी आईपीएमटी कुसुमखेड़ा चौराहा हल्द्वानी की ओर से अल्मोड़ा में 2013 में आईपीएमटी एकेडमिक एजुकेशन के अंतर्गत आईपीएमटी कॉलेज के नाम से पवार मार्केट बाड़ी बगीचा अल्मोड़ा में एक संस्था खोली और बड़ी संख्या में लोगों को जीएनएम डिप्लोमा के नाम पर प्रवेश दिलाए गए।
इसके लिए हर अभ्यर्थी से लाखों रुपये शुल्क वसूला गया। यही नहीं प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को कोई प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। बाद में कई को फर्जी डिप्लोमा प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए, जबकि कई लोगों को कोई प्रमाणपत्र ही नहीं दिया गया। कुछ समय बाद कथित संस्थान को बंद कर दिया गया। बाद में अभ्यर्थियों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने भी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। जांच में भारी गड़बड़ियां पाई गई थी।
प्रदेश सरकार ने बीते दिनों जीएनएम प्रशिक्षण घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। इधर, एसएसपी पी रेणुकादेवी ने बताया कि उनकी निगरानी में एसआईटी गठित कर दी गई है। एसआईटी की जांच कमेटी में एक एएसपी, एक सीओ, एक पुलिस निरीक्षक, एक एसआई को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी तक जांच पूरी कर ली जाएगी। एसएसपी ने यह भी बताया कि जिले में कुछ चिट फंड कंपनियों के खिलाफ भी पुलिस जांच कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।