अर्द्ध सैनिकों को दें पूर्ण सैनिकों का दर्जा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। अर्द्ध सैनिक बलों के पूर्व सैनिकों के दिल्ली में हुए सम्मेलन में अर्द्ध सैनिकों को पूर्ण सैनिकों का दर्जा देने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। सेना की तर्ज पर सुविधाएं देने पर भी जोर दिया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए सम्मेलन के बाद लौटे पूर्व सैनिकों ने बताया कि उन्होंने पीएम आवास पर मांगों को लेकर निर्वस्त्र प्रदर्शन भी किया। यह लड़ाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
दिल्ली से लौटे पूर्व सैनिक सूबेदार हरी सिंह नेगी ने बताया कि सम्मेलन में तमाम ज्वलंत मसलों पर चर्चा हुई। कहा कि सेना की तर्ज पर अर्द्ध सैनिक बलों के लोग भी देश सेवा में जुटे हैं। वे देश की लगभग 15 हजार किमी सीमा की चौकसी करते हैं, इसके बावजूद उन्हें सुविधाएं नहीं मिलती।
सम्मेलन में वन रैंक-वन पेंशन स्कीम लागू करने, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों को सियाचिन की तर्ज पर अलाउंस देने, 15 हजार रुपए नक्सल भत्ता देने, शहीद जवान के परिवार को सहायता के तौर पर एक करोड़ रुपये देने, हर राज्य में सात सीजीएचएस डिस्पेंसरी खोलने, चार पैरा मिलिट्री रेजिडेंसियल स्कूल खोलने सहित तमाम मांगें उठाई गईं। कहा कि सरकार विकलांग को दिव्यांग का नाम दे सकती है तो अर्द्धसैनिक को पूर्ण सैनिक का नाम देना चाहिए। इसमें अतिरिक्त बजट भी खर्च नहीं होगा।