फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्राओं ने सशक्त बनकर हर स्थिति का सामना करने का संकल्प लिया

Sat, 01 Dec 2018 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
नगर में रैली निकालती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्राओं ने अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत जागरूकता रैली निकाली और सशक्त बनकर हर स्थिति का सामना करने का संकल्प लिया। रैली में शामिल छात्राएं जागरूकता से जुड़े नारे लगा रहीं थीं।  
विज्ञापन


इस मौके पर छात्राओं ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। सख्त कानून बन जाने के बावजूद अपराधों में कमी नहीं आ पा रही है। छात्राओं का कहना था कि वर्तमान समय में महिलाओं और लड़कियों पर अत्याचार के मामले काफी बढ़े हैं। लड़कियों की सुरक्षा के लिए कई एप भी बनाए गए हैं, लेकिन एप की जानकारी सभी लड़कियों को नहीं है।

छात्राओं का कहना है कि लड़कियों का सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत होना भी जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान पूरे देश में महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने में सफल रहेगा।     
विज्ञापन


लड़कियों का खुद के पैरों में खड़ा होना जरूरी  
महिला पॉलीटेक्निक की प्रथम वर्ष की छात्रा रश्मि का कहना है कि समाज इतना बदल गया है कि आज लड़कियों को दूसरो पर निर्भर न होकर खुद के पैरों में खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लड़कियां लड़कों के मुकाबले कहीं भी कम नहीं हैं और इसे लड़कियां अब साबित भी कर रही हैं।  

आत्म सुरक्षा के गुर सीखने चाहिए 
रीतिका दानू का कहना है कि सभी लड़कियों को आत्म सुरक्षा के गुर सीखने चाहिए ताकि मौका पड़ने पर वह इसका लाभ ले सकें। रीतिका का कहना है कि महिलाओं को जागरूक करने के लिए हर जगह नुक्कड़ नाटक और रैलियों का आयोजन भी किया जाना चाहिए।  

कानूनी जानकारियां देने के लिए शिविर लगने चाहिए  
रश्मि बिष्ट का कहना है कि लड़कियों को उनकी सुरक्षा से संबंधित कानूनी जानकारियों की जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए जगह-जगह शिविर लगाए जाने चाहिए। उनका मानना है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला रखती हैं। समाज को उन्हें और प्रोत्साहित करना चाहिए।  

खुद पर भरोसा रखें लड़कियां 
भावना रावत का मानना है कि लड़कियों को भावनात्मक रूप से काफी मजबूत होने की जरूरत है। इसके अलावा उनमें खुद पर भी भरोसा होना चाहिए। समाज में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार का वह तभी मुकाबला कर सकती हैं।  

कानूनी जानकारियां देने के लिए शिविर लगने चाहिए।  
भावना पटवाल का मानना है कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चलाया जाना चाहिए। खासकर स्कूलों में और ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों को काफी जागरूक करने की जरूरत है। ताकि उनको कानूनी जानकारियां मिल सकें।  

आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हों लड़कियां 
नेहा बिष्ट का कहना है कि लड़कियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। वह बताती हैं कि लड़कियों की सुरक्षा के लिए वर्तमान में कई एप चलाए गए हैं। जिसकी अधिकांश जानकारी लड़कियों को नहीं है। इसकी जानकारी देने के लिए स्कूलों में शिविर लगाए जाने चाहिए।  
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें