राजकीय इंटर कालेज सोमेश्वर में पिछले पांच साल से एलटी और प्रवक्ता संवर्ग में शिक्षकों को पांच पद खाली चल रहे हैं। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है।
सरकार के स्कूल में शिक्षकों के पद भरने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जीआईसी सोमेश्वर में 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
कालेज में एलटी शिक्षकों के नौ पदों में से महत्वपूर्ण विषय गणित, विज्ञान और व्यायाम शिक्षक के पद पिछले पांच साल से खाली पड़े हैं। इससे खासकर दसवीं के बच्चों को गणित और विज्ञान की पढ़ाई करने में काफी दिकक्तें हो रही हैं।
वहीं प्रवक्ता संवर्ग में भी नौ शिक्षकों पद सृजित हैं। इनमें से प्रवक्ता हिंदी और इतिहास के पद गत पांच साल से रिक्त हैं। लोगों को आशा थी कि राज्य बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
शिक्षकों के पद भरे जाएंगे और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी। पर निराशा ही हाथ लगी है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधि भाषणों में शिक्षकों के पद भरनेे का भरोसा दिलाते हैं।
बाद में पल्ला झाड़ लेते हैं। शिक्षकों के नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आसपास चार से पांच किमी दूरी पर कोई अन्य स्कूल भी नहीं है। इधर प्रधानाचार्य केआर अहिरवार का कहना है कि खाली पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।