भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) की जिला कमेटी की बैठक में हिरोशिमा एवं नागासाकी दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर परमाणु त्रासदी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
वक्ताओं ने कहा कि मानवता की समस्याओं का समाधान शांति और परमाणु निशस्त्रत्त्ीकरण से ही संभव है। पालिका सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका ने जापान में छह अगस्त 1945 को हिरोशिमा और नौ अगस्त को नागासाकी शहर में परमाणु बम से हमला किया।
जिसमें तीन लाख तीस हजार से अधिक लोग मारे गए। बम गिराए जाने की यह घटना युद्ध की भयावहता और मानवता पर उसके असर की हमेशा याद दिलाते रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी साम्राज्यवाद दुनिया के देशों की प्रभुसत्ता पर हस्तक्षेप कर रहा है। भारत की सरकारें भी अमेरिकी के दबाव में परमाणु नीति और अन्य जनविरोधी नीतियां लागू करने का प्रयास कर रही हैं।
केंद्र में बैठी वर्तमान एनडीए सरकार जनविरोधी नीतियों को और अधिक लागू कर रही हैं। देश के युवा, मजदूर, किसानों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
एनडीए सरकार की नीतियों के विरोध में 13 अगस्त को गांधी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन में लोगों से पहुंचने का आह्वान किया गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी और संचालन यूसुफ तिवारी ने किया।
बैठक में योगेश कुमार, शाहनवाज अंसारी, रोशनी, दीप्ति भोजक, मुमताज अख्तर, स्वप्निल पांडे, प्रमोद रावत, अशोक पंत, सुनीता पांडे, दिनेश पांडे, पिंकी, अशोक कुमार, राजेंद्र जोेशी आदि ने भाग लिया।