पैसिया-गड़कोट और थला-भीताकोट मार्गों के निर्माण की मांग को लेकर गड़कोट में चल रहे आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है।
ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचे लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता, कानूनगो और पटवारी को आंदोलनकारियों ने बंधक बना लिया है।
इस बात की सूचना मिलने पर शासन प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रात में ही एसडीएम एनएस नबियाल पुलिस फोर्स साथ लेकर मौके को रवाना हो गए हैं। यह गांव सड़क से आठ किमी दूर है।
पैसिया-गड़कोट और थला-भीताकोट मार्गों के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का गड़कोट में क्रमिक अनशन चल रहा है।
शुक्रवार को पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता विजय कुमार, लोनिवि रानीखेत के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार, कानूनगो मनोरथ लखचौरा, पटवारी जगमोहन शाह आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने सभी को बंधक बना लिया।
अधिकारियों को पंचायत घर के अंदर बंद किया गया है और ग्रामीण बाहर डटे हुए हैं। अधिकारियों को बंधक बनाने की सूचना मिलने पर प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम एनएस नबियाल रात में पुलिस फोर्स साथ लेकर मौके को रवाना हो गए हैं। यह गांव सड़क से आठ किमी दूर है। जिससे एसडीएम को वहां पहुंचने में कई घंटे लगेंगे।
उधर आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण कई साल से सड़क निर्माण को मंजूरी देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक मंजूरी नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि जब तक दोनों सड़कों को मंजूरी नहीं मिलेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कल पांच दिसंबर से आमरण अनशन करने का ऐलान किया।
अधिकारियों को बंधक बनाने वालों और प्रदर्शनकारियों में जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, प्रधान सरोज सिंह, कमला देवी, दयाकिशन, विमला देवी, नंदन सिंह, कुंवर राम, आनंद राम, आनंदी देवी, गोपाल सिंह, देवकी देवी, गोपाल सिंह, जगत सिंह, अनीता देवी, अजय पाल सिंह, खुशाल सिंह, चंद्रा देवी, सरोप सिंह, सुरेंद्र सिंह, आनंद सिंह, गोविंद सिंह, चमन सिंह, मनोहर सिंह, प्रताप सिंह, मंगल सिंह, खुशाल सिंह, चंद्रा देवी, सरोप सिंह, सुरेंद्र सिंह, आनंद सिंह, गोविंद सिंह, चमन सिंह, मनोहर सिंह, प्रताप सिंह, मंगल सिंह आदि शामिल थे।