अल्मोड़ा। स्थायी नियुक्ति, पेंशन आदि विभिन्न मांगों को लेकर गुरिल्लों का धरना जिलाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को 2520वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने उत्तराखंड राज्य मंत्रीमंडल द्वारा एक बार फिर वन विभाग के अंतर्गत गठित इको टास्क फोर्स में गुरिल्लों को नियुक्ति दिए जाने के निर्णय को हास्यास्पद और चुनावी स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व की घोषणाओं को लागू नहीं किया तो गुरिल्ले गैरसैंण सत्र में विधानसभा का घेराव करेंगे।
गुरिल्ला संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि सरकार ने 19 फरवरी 2014 को ही गुरिल्लों को लोनिवि विभाग में मेट, बेलदार के पदों में नियुक्ति का निर्णय लिया था। बाद में एक शासनादेश के बाद कुछ जिलों में ही मेट बेलदारों की नियुक्ति की गई। उन्हें भी विभागीय अधिकारी अंदर-बाहर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन ढाई सालों में वन विभाग के अधिकारियों ने कुछ बैठकें की, लेकिन टास्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव तैयार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वास्तव में गुरिल्लों के लिए कुछ करना चाहती है तो उसे पूर्व में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए सभी जिलों में मेट और बेलदार पदों में गुरिल्लों को नियुक्ति देनी चाहिए। धरने पर जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, गोविंद वल्लभ कांडपाल, बिशन राम, गोपाल सिंह, पूरन सिंह, आनंदी महरा, भानु पंत मौजूद थेे।