नियमित नियुक्ति देने समेत अन्य मांगों को लेकर सरकारी विभागों में तैनात उपनल कर्मी मंगलवार को भी कार्यबहिष्कार पर रहे। उन्होंने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और धरना दिया।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार पर उपनल कर्मियों का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने हाल में ही उपनल कर्मियों के वेतन में तीन हजार रुपये की वृद्धि करने का शासनादेश जारी किया, लेकिन कई कटौतियों के बाद वास्तविक वृद्धि मात्र 1600 रुपये की हुई है।
शासनादेश में कार्मिकों की वरिष्ठता पर गौर नहीं किया गया है। साथ ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर भी उपनल कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं करने का प्राविधान कर दिया। उन्होंने शासनादेश को कर्मियों के शोषण करने वाला आदेश बताया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को उपनल कर्मियों को भी समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमित करने की स्पष्ट योजना और तैनात कार्मिर्कों को नहीं हटाए जाने की स्पष्ट नीति घोषित करनी चाहिए ताकि कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित रहे।
उपनल कर्मचारी महासंघ ने मांग जल्द पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। संगठन के जिलाध्यक्ष दिनेश आर्या, महासचिव रितिक वर्मा, सचिव कैलाश जोशी, उपाध्यक्ष मनीष वर्मा, संदीप थापा, जगदीश चंद्र, जगदीश नेगी आदि ने विचार रखे। धरने में अमित बाल्मीकि, भूपाल सिंह, सोनाली परिहार, कमला बिष्ट, होशियार सिंह मेहता, चंद्रशेखर जोशी, विजय कुमार, आशा गोस्वामी आदि शामिल थे।