गांधी चौक को हिमालय दर्शन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। नगर के बीचों बीच स्थापित इस चौक से हिमालय की लंबी श्रंखलाओं के दीदार होते हैं। लोगों का मानना है कि यदि चौक की खूबसूरती बढ़ा दी जाए तो पर्यटकों के लिए मनोरंजन का साधन विकसित होगा, इससे यहां पर्यटक भी ठहर सकेंगे। जागरूक लोगों ने कैंट बोर्ड को यहां पर इलेक्ट्रानिक लैंप पोस्ट लगाने, पर्यटक स्थलों की सूची लगाने सहित तमाम सुझाव भी दिए हैं।
मनोरंजन संसाधनों के अभाव के चलते पर्यटक सीजन में सैलानी यहां आते तो हैं, लेकिन ठहरते नहीं हैं। जिसका सीधा असर नगर के पर्यटन व्यवसाय पर पड़ता है। नगर का गांधी चौक सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहां से पूरे नगर का शानदार दृश्य, हिमालय की लंबी श्रंखलाएं दिखाई देती हैं।
पर्यटक भी चौक में आकर कुछ देर के लिए ठहरते जरूर है। हालांकि कैंट समय -समय पर पार्क का सुंदरीकरण करता है। सामाजिक कार्यकर्ता डीएन बड़ोला ने पूर्व में छावनी परिषद को गांधी चौक को हिमालय दर्शन केंद्र के रूप में विकसित करने, चौक पर पर्यटन स्थलों की सूची लगाने, खूबसूरत बैंच लगाने, चारों ओर ग्रिल लगाने, पार्क के अंदर इलेक्ट्रानिक लैंप पोस्ट लगाने, बाहरी दीवार पर पेंटिंग करने, अंदर खूबसूरत टाइल्स लगान और पार्क को आकर्षक रूप देने के लिए इसका पुनर्निर्माण करने के सुझाव दिए थे। बड़ोला ने बताया कि इस संबंध में कैंट बोर्ड से आश्वासन तो मिले, लेकिन कार्य नहीं हुए हैं, इस संबंध में शीघ्र ही फिर कैंट बोर्ड की सीईओ से मुलाकात की जाएगी।