उत्तराखंड के राज्यपाल कृष्णकांत पाल ने कहा कि बच्चों में यदि लगन और मेहनत करने का जज्बा हो तो सुविधाएं बौनी साबित हो जाती हैं। मेहनती लोग विषम परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ जाते हैं। राज्यपाल इंटर कालेज खिरखेत में आयोजित एक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बच्चों को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से भी प्रेरणा लेने का आह्वान किया। साथ ही अनुशासन और शिक्षक, अभिभावकों का सम्मान करने को भी कहा। इस दौरान बच्चों ने स्वागत गीत आदि कार्यक्रम भी पेश किए।
नेता प्रतिपक्ष विधायक अजय भट्ट की अध्यक्षता में हुए समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल केके पॉल बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि सफलता के कोई भी मापदंड नहीं है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने विषम परिस्थितियों में पढ़ाई की, इसके बाद प्रधानमंत्री के पद को सुशोभित किया। इन्हीं बच्चों में से कोई भी बच्चा आगे बढ़ सकता है। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य तय करना होगा। उन्होंने स्कूल के शिक्षक मदन मोहन जोशी के कार्यों की सराहना कर राज्यपाल से उन्हें सेवा सम्मान देने की अपील की। अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भी बच्चों को आगे बढ़ने के गुरुमंत्र दिए। कहा कि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में महामहिम राज्यपाल जैसी हस्ती का पहुंचना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। अपनी ओर से भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रधानाचार्या शांता अधिकारी ने प्रगति आख्या पेश कर स्कूल की गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान डीएम विनोद कुमार सुमन, एसडीएम एपी बाजपेयी, पूर्व राजदूत सीएम भंडारी आदि मौजूद थे। इससे पूर्व राज्यपाल ने सुबह यहां गनियाद्योली स्थित कोऑपरेटिव ड्रग फैक्ट्री का निरीक्षण भी किया।
मवड़ा में ध्यान योग केंद्र का भी किया निरीक्षण
खिरखेत इंटर कालेज के बाद राज्यपाल निकटवर्ती मवड़ा गांव पहुंचे, वहां गोलू देवता मंदिर में भगवान के दर्शन करने के बाद वह मग्रास के ध्यान योग स्थल के निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां बच्चों ने उनका स्वागत किया। योग केंद्र में अभ्यास करने पहुंचे मुंबई के ग्रुुुप ने भी राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल क्षेत्र के शांत वातावरण को देखकर खुश हुए। मग्रास के संस्थापक सीएम भंडारी ने उन्हें जरूरी जानकारियां दीं। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व विधायक करन माहरा आदि प्रशासनिक, पुलिस प्रशासन के लोग भी मौजूद थे।
बोले समय निकालकर फिर आएंगे हैड़ाखान
मवड़ा में ध्यान योग केंद्र का निरीक्षण करने के बाद राज्यपाल केके पॉल चिलियानौला स्थित विश्वविख्यात हैड़ाखान मंदिर भी पहुंचे। वहां हैड़ाखान ट्रस्ट के अध्यक्ष आलोक बनर्जी, संयोजक पूर्व प्रमुख प्रेम सिंह कुवार्बी, दीवान सिंह कुवार्बी, पूर्व प्रधान कवींद्र सिंह कुवार्बी आदि ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने मंदिर प्रबंधन की सराहना की। कहा कि भविष्य में समय निकालकर फिर से हैड़ाखान मंदिर आएंगे। यहां उन्होंने बाबा हैड़ाखान के दर्शन भी किए। इसके बाद राज्यपाल नैनीताल को रवाना हो गए।