द्वाराहाट में बैठक करती महिला एकता परिषद की महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। महिला एकता परिषद ने बैठक कर एक बार फिर से लावारिस और जंगली जानवरों की समस्या को लेकर सरकार खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वक्ताओं ने कहा कि जानवरों के आतंक के चलते खेती किसानी चौपट हो रही है और क्षेत्र से निरंतर पलायन बढ़ रहा है। सरकार भी ठोस नीति नहीं बना रही है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस योजना नहीं बनी तो महिलाओं को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
महिला एकता परिषद लंबे समय से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रही है। पूर्व में भी उन्होंने जंगली और लावारिस जानवरों के आतंक से निपटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। लेकिन उनकी मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। इधर परिषद ने फिर से बैठक कर इस समस्या को दुबारा उठाया। कहा कि जनप्रतिनिधि भी इस संबंध में सार्थक कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खेती किसानी चौपट है, गांवों से पलायन हो रहा है। सरकार ठोस नीति नहीं बना रही है। विकासखंड के बेढुली गांव में हुई बैठक में तमाम मसलों पर चर्चा हुई। अध्यक्षता करते हुए आशा देवी ने कहा कि खेती किसानी सुरक्षित नहीं रहेगी तो पलायन बढ़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि तेंदुए का आतंक निरंतर जारी है। जिससे पशुपालक भी परेशान हैं। क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी अब इस मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं। महासचिव मधुबाला कांडपाल ने कहा खेती चौपट होने से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। संचालन कुसुम लता ने किया। इस अवसर पर चंद्रा देवी, शांति देवी, प्रेमा देवी, भावना रावत, विमला, किरन, प्रभा, भगवती, रेखा, हीरा, कमला, मुन्नी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।