अल्मोड़ा। करवाचौथ व्रत पर महंगाई का साया है। चूड़ियों से शृंगार सामग्री तक में पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। कॉस्मेटिक उत्पादों और शृंगार सामग्री की महंगाई से गृहणियों को व्रत के दिन सजना महंगा साबित हो रहा है। करवाचौथ पूजा की डिजाइनर थाली के दाम 650-750, करवा (स्टील) 350 रुपये पहुंच गए हैं। फैनी 180 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है।
कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन के कारण इस बार करवाचौथ पर पूजा की थाली और शृंगार सामग्री पर महंगाई की मार पड़ी है। इनके भाव में पिछली बार की अपेक्षा 15 फीसदी वृद्धि हुई है। पिछली बार डिजायनर थाली की कीमत 550 थी जबकि अबकी बार इसके दाम 650-750 रुपये पहुंच गए हैं। इसी तरह करवा (मिट्टी) 25 से 90, स्टील 350, कमरबंद स्टोन वाला 300, मंगलसूत्र की कीमत 300 रुपये प्रति पीस पहुंच गई है। लाला बाजार के व्यवसायी मनोज कुमार पटवा ने बताया कि सुहागिन महिलाएं अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर रही हैं। गरीब महिलाएं महंगाई को ध्यान में रखकर सीमित मात्रा में खरीदारी कर रही हैं। कपड़ा विक्रेताओं ने बताया कि बाजार में 500 से 20 हजार रुपये तक की साड़ी है। बाजार में खरीदारी करने आई हेमलता, कमला आदि ने बताया कि शृंगार सामग्री में महंगाई की मार पड़ने से इस बार जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी कर रही हैं। इससे सजना-संवरना महंगा हो गया है।
कोरोना के चलते ब्यूटी पार्लरों में कम हुई भीड़
अल्मोड़ा। कोविड-19 की डर से सुहागिनें और युवतियां मेकअप कराने ब्यूटी पार्लर कम आ रही हैं। वंशिता ब्यूटी पार्लर संचालक तारा अग्रवाल ने बताया कि पिछले सालों तक करवाचौथ पर महिलाओं की ब्यूटी पार्लरों पर काफी भीड़ रहती थी लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से इस बार ब्यूटी पार्लरों में महिला ग्राहकों की कमी आई है। अधिकतर महिलाएं घर पर ही अपनी फेशियल किट ले जाकर मेकअप कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ब्यूटी पार्लरों को रोज सैनिटाइजर करने के साथ ही वहां काम करने वाले कर्मी मास्क पहनकर ही काम करते हैं। संवाद