रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय चिकित्सालय में लगे अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य महकमे की कुमाऊं मंडल निदेशक डॉ. शैलजा भट्ट के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर सभी के बयान लिए।
डॉ. भट्ट ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है, रिपोर्ट डीजी हेल्थ को भेजी जाएगी। शिकायतकर्ता के मांग पूर डीजीएमओ देहरादून ने मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया था।
मालूम हो कि पिछले साल 18 दिसंबर को पांडेकोटा निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक देवीदत्त बिष्ट ने डीजीएमओ को पत्र भेजकर राजकीय अस्पताल में अनियमितताओं से संबंधित कई आरोप लगाए थे।
उनका आरोप था कि रानीखेत अस्पताल के चिकित्सक गलत और भ्रामक रिपार्ट दे रहे हैं। कार्यों में लापरवाही बरतने से रोगियों की मौत तक हो रही है। ड्यूटी किसी की होती है कार्य कोई और करता है। गलत तर्क और तथ्यों से चिकित्सक उच्चाधिकारियों को गुमराह कर करते हैं।
इधर डीजीएमओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। स्वास्थ्य महकमे की कुमाऊं मंडल अध्यक्ष डा. शैलजा भट्ट की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने शिकायतों की जांच शुरू की।
सभी के बयान लिए गए। अब रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजी जाएगी। जांच टीम में नैनीताल बीडी पांडे अस्पताल के सीएमएस केएस धामी, अल्मोड़ा की सीएमओ डा. सविता ह्यांकी, प्रशासनिक अधिकारी मनोज पांडे आदि शामिल थे।
शिकायत पुरानी है। इस मामले में पहले भी सीएमओ स्तर से पर जांच हुई थी, लेकिन शिकायतकर्ता जांच से संतुष्ट नहीं थे। मामले में सभी पक्षों के बयान लिए गए हैं। शिकायतों की बारीकी से जांच भी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजी जाएगी। -डॉ. शैलजा भट्ट, निदेशक कुमाऊं मंडल, स्वास्थ्य विभाग।