अल्मोड़ा (नवीन उपाध्याय)। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड चंपावत और चमोली में 25-25 हजार किलोग्राम उत्पादन की नई चाय फैक्ट्रियां स्थापित करेगा। बोर्ड की प्रबंध परिषद ने इसकी स्वीकृत दे दी है। जल्द ही यह चाय फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी।
सरकार ने चाय विकास बोर्ड के लिए चालू वित्तीय वर्ष के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसमें से 3.08 करोड़ रुपये बोर्ड के 37 नियमित और 46 संविदा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होंगे, जबकि शेष धनराशि बागानों के रखरखाव, नए बागान, नर्सरी विकसित करने पर व्यय होंगे।
बोर्ड की प्रबंध परिषद की अपर मुख्य सचिव मनीषा पवार की अध्यक्षता में मार्च में देहरादून में हुई बैठक में चमोली और चंपावत में नई चाय फैक्ट्री स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। बोर्ड के वित्त अधिकारी अनिल खोलिया ने बताया कि दोनों स्थानों पर दस-दस हजार किलोग्राम उत्पादन क्षमता की मशीनें स्थापित हैं। इन फैक्ट्रियों के स्थान पर बोर्ड 25-25 हजार किलोग्राम उत्पादन क्षमता की नई फैक्ट्री वहां दूसरे स्थान पर स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड स्वयं की आय से यह फैक्ट्रियां स्थापित करेगा। बोर्ड जल्द ही चाय विशेषज्ञ और मार्केटिंग मैनेजर भी तैनात करने जा रहा है।
धौलादेवी और डीडीहाट में भी लगेंगी चाय फैक्ट्री
अल्मोड़ा। चाय विकास बोर्ड की धौलादेवी और डीडीहाट में भी चाय फैक्ट्री लगाने की योजना है। यह फैक्ट्रियां सहकारिता मॉडल पर संचालित की जाएंगी। इसके अलावा बोर्ड की श्यामखेत में दस हजार किलो और हरिनगरी (गरुड़) में 7500 हजार क्षमता की फैक्ट्रियां हैं।
इस वर्ष 101 हेक्टेयर में चाय बागान होंगे विकसित
अल्मोड़ा। चाय विकास बोर्ड अब तक प्रदेश के आठ पर्वतीय जिलों में कुल 1390 हेक्टेयर क्षेत्र में चाय बागान स्थापित कर चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में 101 हेक्टेयर में नए चाय बागान लगाए जाएंगे। साथ ही 41 लाख पौधों की नई नर्सरी भी तैयार की जाएंगी।
1.06 लाख किलो चाय उत्पादन का लक्ष्य
अल्मोड़ा। चाय विकास बोर्ड का चालू वित्तीय वर्ष में 1.06 लाख किलो चाय उत्पादन का लक्ष्य है। पिछले वित्तीय वर्ष में बोर्ड ने 82 हजार किलो चाय का उत्पादन किया था। बोर्ड वर्तमान में सालभर में सात लाख रोजगार दिवस सृजित कर 3915 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है।