रानीखेत (अल्मोड़ा)। ‘हर घर जल हर घर नल योजना’ में अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि मानकों को ताख पर रखकर घटिया किस्म के प्लास्टिक पाइप बिछाए जा रहे हैं।
पाइप डाले जाने में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद विधायक करन माहरा और संयुक्त मजिस्ट्रेट ने मौके का मुआयना किया और इस मसले को लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताते हुए मामले की जांच बैठा दी है।
जल जीवन मिशन के तहत इन दिनों विकासखंड स्तर पर पेयजल कनेक्शन लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस योजना में अनियमितताओं के मामले भी प्रकाश में आने लगे हैं।
शिकायत के बाद शुक्रवार को विधायक करन माहरा ने संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडे और जल निगम के अधिशासी अभियंता के साथ पंतकोटली गांव जाकर योजना का निरीक्षण किया।
विधायक करन माहरा ने कहा कि योजना में अनियमितताएं पाई गई हैं। जंगलों में घटिया गुणवत्ता के प्लास्टिक की पाइप लाइन बिछाई गई हैं, जबकि बस्तियों में लोहे के पाइप लगाए गए हैं।
कम से कम ढाई फीट नीचे पाइप लाइन दबानी चाहिए थी, लेकिन केवल मिट्टी से दबाकर इसे छोड़ दिया गया बताया कि जंगलों में तीन-तीन सौ मीटर तक एल्काइन प्लास्टिक के पाइप बिछाए गए हैं।
अफसरों और ठेकदार की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मसले को वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के समक्ष रखेंगे। उन्होंने योजना के औचित्य पर भी सवाल उठाए, कहा कि नई पंपिंग योजनाएं नहीं बनाई गई हैं, पुरानी योजनाओं से कनेक्शन बांटे जा रहे हैं।
-शिकायत के बाद पंतकोटली में योजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। विभागीय अधिकारियों से योजना का इस्टीमेट मंगाकर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही इस मसले पर कुछ कहा जा सकता है। -अपूर्वा पांडे, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत।
-आरोप बेबुनियाद हैं। जल जीवन मिशन की गाइडलाइन के अनुसार ही एचडीपीई पाइप डाला गया है। हां दो तीन जगह पर पाइप मानकों के अनुरूप नहीं दबाए गए थे। मानकों के अनुरूप काम चल रहा है। जांच होगी तो उसमें स्पष्ट हो जाएगा। -आरएल वर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम रानीखेत।