सीएचसी चौखुटिया में घायल का उपचार करती चिकित्सा टीम।
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शनिवार शाम से लापता जौरासी अंतर्गत ससखेत निवासी व्यक्ति करीब उन्नीस घंटे बाद गांव से दो किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा में लहूलुहान स्थिति में मिला है। उसे बेहोशी की हालत में सीएचसी में लाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। इस दौरान भिकियासैंण के एसडीएम सहित पूरी राजस्व टीम भी मौजूद रही।
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जौरासी के निकट ग्राम पंचायत उपराड़ी के ससखेत निवासी देवसिंह (42) पुत्र हरसिंह शनिवार शाम पांच बजे अपने घर के निकट खेत में काम करने गया था। देर तक न लौटने पर गांव के लोगों ने उसे देर रात तक ढूंढा पर कोई सफलता नहीं मिली।
रविवार की सुबह गांव के लोगों के साथ ही वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम उसे खोजने फिर निकल पड़ी। काफी खोजबीन के बाद एक गुफा के अंदर हलचल सुनाई देने पर लोगों ने उसके अंदर देखा तो देवसिंह अर्द्ध बेहोशी की स्थिति में लहूलुहान पड़ा मिला। लोग उसे सड़क तक डोली में लाने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया ले आए।
चिकित्सक डॉ. विवेक पंत ने बताया कि देवसिंह के सिर, हाथ, गले और नाखून में चोट के निशान हैं जिनमें करीब तीस टांके लगाए गए हैं। लिंग से खून बह रहा था उसमें भी गहरा घाव है। फिलहाल स्थिति खतरे से बाहर है, उसे हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
घायल देवसिंह का गुफा तक पहुंचना बना रहस्य
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। राजस्व विभाग देवसिंह के गुफा तक पहुंचने के रहस्य को नहीं समझ पा रहा है। अलबत्ता राजस्व विभाग की टीम का मानना है कि वह जंगली जानवर के हमले का शिकार ही हुआ होगा। राजस्व निरीक्षक शंकर गिरि गोस्वामी, राजस्व उप निरीक्षक महेंद्र सिंह और धीरज गिरि आदि का कहना है कि हो सकता है कि संबंधित व्यक्ति पहले पहाड़ी के निकट गिरा हो और उसके बाद उसे कोई जानवर गुफा के अंदर ले गया हो। अर्द्ध बेहोशी की स्थिति में देवसिंह ने बताया कि उसने कोई जानवर जैसा आते देखा उसके बाद क्या हुआ उसे पता नहीं है। इधर सीएचसी में पहुंचे एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने राजस्व कर्मियों के हवाले से देबसिंह के किसी जानवर के हमले में घायल होने की बात कही है।
...तो जीवित मिलना मुश्किल था
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। जाको राखे साईंया मार सके न कोई। यह बात देवसिंह के साथ चरितार्थ हुई है। घायल अवस्था में रातभर गुफा में पड़े रहने के बावजूद वह रविवार को करीब उन्नीस घंटे बाद 12 बजे कराहते हुए मिल गया। इसके लिए रेस्क्यू अभियान में लगे ग्रामीणों के साथ ही स्याल्दे तहसील की राजस्व और वन विभाग की टीम की भी जितनी प्रशंसा की जाए कम ही होगी। यह बड़ी उपलब्धि है कि टीम ने घनघोर जंगल के बीच की गुफा में उसे ढूंढ लिया। भिकियासैंण के एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने भी ग्रामीणों के साथ ही पूरी टीम की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि यदि और विलंब होता तो लापता व्यक्ति का जीवित मिलना मुश्किल था।