अल्मोड़ा के एनटीडी में स्थित मृग विहार को मिनी जू में बदलने की योजना फिलहाल सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) में अटक गई है। वन विभाग द्वारा पूर्व में अथॉरिटी को भेजे गए मिनी जू के प्रस्ताव में कुछ कमियां पाई गई हैं। इससे जू अथॉरिटी ने प्रस्ताव दोबारा बनाकर भेजने को कहा है। इस कारण मिनी जू बनाने की योजना पर फिलहाल काम शुरूनहीं हो पा रहा है।
सेंट्रल जू अथॉरिटी ने मृग विहार को मिनी जू बनाने की योजना को मंजूरी दी थी। वन विभाग ने जून 2015 में 38 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार को मिनी जू में बदलने के लिए 5.40 करोड़ रुपए की लागत की योजना तैयार करके सेंट्रल जू अथॉरिटी को भेजी, लेकिन अथॉरिटी ने इस योजना में कई कमियां पाई हैं। कार्ययोजना को मानकों के मुताबिक तैयार करने के साथ ही जू में रखे जाने वाले जानवरों के बारे में विवरण मांगा है, साथ ही मिनी जू के संचालन के लिए बजट आदि की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी चाही है।