फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Almora News: पूर्व सीएम हरीश रावत ने अल्मोड़ा-रामनगर सड़क पर दिया धरना

Mon, 10 Apr 2023 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
विज्ञापन
अल्मोड़ा-रामनगर सड़क पर मोहान के पास गड्ढों के बीच धरने पर बैठे पूर्व सीएम हरीश रावत।। संवाद
विज्ञापन
अल्मोड़ा। अपने पैतृक गांव मोहनरी से रामनगर लौट रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने अल्मोड़ा-रामनगर हाईवे पर मोहान के पास गड्ढों के बीच धरना दिया और उसकी वीडियो सीएम पुष्कर धामी को फेसबुक पर साझा करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश में सड़कों की दर्दनाक कहानी है। रामनगर से रानीखेत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाली इस सड़क की बदहाली को लेकर वे पूर्व में तीन बार धरना दे चुके हैं लेकिन सरकार की नींद नहीं खुली। बावजूद इसके सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे कर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है।
विज्ञापन

दरअसल सोमवार को पूर्व सीएम हरीश रावत अपने पैतृक गांव मोहनरी में एक कार्यक्रम में शामिल होकर रामनगर लौट रहे थे। अल्मोड़ा-रामनगर हाईवे पर मोहान के पास वे गड्ढों से पटी सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की सबसे पुरानी सड़कों में शामिल है जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस हाईवे से पर्यटक रानीखेत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ पहुंचते हैं लेकिन यह सरकार की नाकामी है कि आज यह सड़क गड्ढों से पटी है जबकि इसे एक्सप्रेस-वे बन जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की हर सड़क की यही कहानी है। आलम यह है कि सरकार गड्ढा मुक्त सड़कों की बात कर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कर रही है लेकिन विपक्षी विधायकों को खुद सड़क पर खड़े होकर गड्ढे भरवाने पड़ रहे हैं। बीते सात वर्षों में तीन बार वे इस सड़क को ठीक करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ चुके हैं लेकिन हालत जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के विकास के सभी दावे फेल हैं। कुछ देर बाद वे वहां से रामनगर रवाना हो गए।
विज्ञापन

इनसेट
स्ट्रीट लाइट से उजाला नहीं दे सकते तो इन्हें उखाड़कर ले जाओ
अल्मोड़ा। पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने पैतृक गांव मोहनरी और आसपास के क्षेत्र में खराब सोलर स्ट्रीट लाइट को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े दावों के बीच यह छोटी बात भी मुझे साझा करनी पड़ रही है। कहा कि क्षेत्र में लगीं सोलर स्ट्रीट लाइट ने छह माह तक काम किया जो बाद में बंद हो गईं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सोलर लाइट से उजाला नहीं दे सकती तो इन्हें उखाड़कर ले जाए। लोगों के आंगन में बड़ा खंभा लगाने का कोई फायदा नहीं है। इस मामले को भी उन्होंने फेसबुक के माध्यम से सीएम पुष्कर धामी से साझा किया है। संवाद
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें