पहाड़ के तीन जिलों की लाइफ लाइन अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्वारब में आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। क्वारब की समस्या को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का दर्द फिर से छलका है। सोशल उन्होंने मीडिया पर लिखा है कि सड़क निर्माण पूरी तरह ठेकेदारों के रहमोकरम पर है। वह काट-कूट कर, माल बनाकर के चले जा रहे हैं और हमारे हिस्से यह दरकते, टूटते पहाड़ आ रहे हैं और उसमें जिंदगियां दब रही हैं।
पूर्व सीएम रावत ने एक्स पर ट्वीट कर क्वारब की समस्या पर चिंता जताई है। उन्होंने सिस्टम की खामी पर भी सवाल उठाए है। उन्होंने लिखा है कि यह अल्मोड़ा का दृश्य है जिसको कुछ लोगों ने मेरे पास भेजा है। पहाड़ पहले भी चुनौती पूर्ण रहे हैं। मगर इस दौरान निर्ममता से सड़कों को काटा गया है। हमने अपना सड़क निर्माण पूरी तरीके से ठेकेदारों के रहमों करम पर छोड़ दिया है। ठेकेदार भी पता नहीं कहां के हैं। वह काट-कूट कर, माल बनाकर के चले जा रहे हैं और हमारे हिस्से यह दरकते, टूटते पहाड़ आ रहे हैं और उसमें जिंदगियां दब रही हैं।
पहाड़ों की सड़कों को हमने जानबूझकर के ठेकेदार, जेसीबी, पोकलैंड और विस्फोटकों के हवाले कर दिया है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को भी क्वारब पर रुक-रुक कर वाहनों की आवाजाही हुई। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।