अल्मोड़ा। फायर सीजन से पहले ही कड़ाके की ठंड में जिले के जंगल धधक रहे हैं। इससे वन्य-जीवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पेटशाल के जंगल और कालीमठ के पास जंगल में लगी आग से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलने पर फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।
पेटशाल के जंगल में रविवार को दोपहर में अचानक आग धधक गई। किसी व्यक्ति ने जंगल में आग लगी देखी तो उसने इसकी सूचना फायर सर्विस को दी। सूचना मिलने पर फायर सर्विस यूनिट घटना स्थल पर पहुंची। एमएफई से पंपिंग कर एक होज रील की सहायता से आग को बुझाया गया।
फायर सर्विस टीम में अजब सिंह, हरि सिंह, महमूद अली, जीवन जोशी, चांदनी, प्रियांशु कुमार आदि मौजूद रहे। कालीमठ के पास जंगल में आग धधक गई। हवा चलने पर आग पूरे जंगल में फैल गई। कुछ देर बाद ही आग की लपटें तेज हो गईं। इससे कई पौधे और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास भी जलकर नष्ट हो गए। फायर सर्विस टीम में किशन सिंह, गिरीश धारियाल, रमेश सिंह, लीला बिष्ट, स्वाति और बबीता शामिल रहे। इधर, वन विभाग के रेंजर मोहन राम ने बताया कि जंगल में कंट्रोल बर्निंग की जा रही थी। जंगल में आग लगाते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फायर सीजन से पहले ही वन विभाग की टेंशन बढ़ी
15 फरवरी से वन विभाग का फायर सीजन शुरू होता है लेकिन फायर सीजन से पहले ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। कड़ाके की ठंड में आग लगने की घटनाओं से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं वन्य जीवों को भी खतरा बना हुआ है। बारिश न होने के चलते जंगलों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई इससे वन विभाग की टेंशन बढ़ गई है।