बिजेपुर में आग बुझाते पुलिस कर्मी।
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। जंगल की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बुधवार की देर शाम यहां चिलियानौला, डेरी फार्म, पीजी कॉलेज के जंगलों में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि पास ही बना वन विभाग का पौधालय तक आग से घिर गया, देर रात तक वन विभाग के कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद पौधालय को बचा लिया। इधर बृहस्पतिवार की सुबह से ही चारों तरफ के जंगल आग से घिर गए। सेना के रिकार्ड ऑफिस के जंगल में आग लग गई। यहां बिजली का ट्रांसफार्मर तक आग की चपेट में आ गया था, लालकुर्ती स्थित दमकल केंद्र के कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद ट्रांसफार्मर को बचा लिया। इससे पहले घिंघारीखाल, 14 डोगरा रेजीमेंट के जंगल भी आग से राख हो गए, यहां भी दमकल कर्मियों ने सेना के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। जीजीआईसी के पास जंगल की आग स्टाफ क्वार्टर तक पहुंच गई। शिक्षिकाएं आग पर काबू पाने पर जुटी रहीं, बाद में दमकल केंद्र के प्रभारी एफएसओ के नेतृत्व में टीम ने आग बुझाई। वन क्षेत्राधिकारी उमेश पांडे का कहना है कि अराजक तत्व जंगलों को आग के हवाले कर दे रहे हैं, हालांकि विभाग उपलब्ध कर्मचारियों के हिसाब से आग पर काबू पाने में जुटा हुआ है।
द्वारहाट में पुलिस कर्मियों ने बुझाई जंगल की आग
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। जंगल की आग बेकाबू होने लगी है। बिजेपुर वन पंचायत सहित तमाम क्षेत्रों में जंगल जल रहे हैं। भयंकर आग के चलते पूरे क्षेत्र में धुंध फैल गई है। विगत रात्रि लमनखान, रघुकोट, खरक और हरौला के जंगलों की आग बस्ती तक पहुंचने लगी, जिससे ग्रामीणों के घास के लुट्टों, लकड़ी के गट्ठरों पर संकट खड़ा हो गया था। इधर आग की सूचना के बाद थाने से पुलिस की टीम एसआई बृजमोहन भट्ट के नेतृत्व में गांव पहुंची, यहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ बमुश्किल आग पर काबू पाया। बिजेपुर वन पंचायत में लगी आग को भी ग्रामीणों के सहयोग से देर रात्रि बुझा लिया गया।