मकान के लिए कतरा बना देवदार का पेड़।
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जेल की भूमि में स्थित देवदार के पेड़ की लॉपिंग कराने के लिए डीएफओ ने उसी व्यक्ति से 37 हजार रुपये वन विकास निगम में जमा कराने को कहा है, जिसके मकान के लिए यह पेड़ खतरा बना हुआ है। वह भी तब जबकि जिलाधिकारी वन विभाग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई का आदेश दे चुके हैं।
पूर्वी पोखरखाली निवासी गिरीश चंद्र पंत ने बताया कि उनका घर जेल के निकट लाशघर के पास सड़क के नीचे की तरफ स्थित है। उनके घर के ठीक ऊपर करीब 20 मीटर ऊंचे देवदार के पेड़ की जड़ें काफी खराब हो चुकी हैं। यह पेड़ कभी भी गिर सकता है। इससे उनके घर के साथ ही जानमाल को भी नुकसान हो सकता है। वह इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी आदि को कई बार अवगत करा चुके हैं। यह पेड़ जेल विभाग की भूमि पर है। बीते दिनों जिलाधिकारी सविन बंसल ने वन विभाग को इस मामले का तीन दिन के भीतर निस्तारण करने के आदेश दिए।
इस पर डीएफओ एसआर प्रजापति ने उनको पत्र भेजकर खतरा बन चुके देवदार के पेड़ की लॉपिंग कराने के लिए वन विकास निगम में 37 हजार रुपये जमा कराने को कहा है। इससे हैरान शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पेड़ जेल की भूमि में है और पेड़ से उसका कोई लेना देना नहीं है। वन विभाग को अगर लॉपिंग का खर्चा लेना है तो जेल विभाग से लेना चाहिए।
कोट-
वन निगम ने खतरा बने पेड़ों की लॉपिंग के लिए 37 हजार रुपये की मांग की है। वन निगम के डीएलएम द्वारा भेजे गए इस्टीमेट (पत्र) के आधार पर ही हमारी ओर से पेड़ कटाने के इच्छुक व्यक्ति से वन निगम में पैसा जमा करने को कहा गया है।
एसआर प्रजापति डीएफओ अल्मोड़ा