लोक उत्सव में कार्यक्रम पेश करते कलाकार।
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बासुलीसेरा में तीन दिनी लोक उत्सव का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। लोक गायक नैन नाथ रावल सहित तमाम कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर कई विभूतियों का सम्मानित किया गया। विधायक महेश नेगी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्राचीन संस्कृति के संरक्षण को बल मिलता है। भविष्य में कार्यक्रमों को भरपूर सहयोग किया जाएगा। कुमाऊंनी गीत, झोड़ा, चांचरी, छपेली नृत्य ने लोगों को देर शाम तक बांधे रखा।
तीन दिनी लोक उत्सव कार्यक्रम का समापन भी रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। पारंपरिक वाद्य यंत्र और हुड़के की थाप पर कलाकारों ने लोक नृत्य और गीतों की झड़ी लगा दी। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने उमंग संस्था के प्रयासों को सराहा। रंगकर्मी हरीश डौर्बी ने ऋतुरैण गाकर सबका ध्यान आकर्षित किया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिरौटा बैरती की स्मारिका भोर का विमोचन भी हुआ। दिन भर वहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रही। लोक उत्सव को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा गया। इसके अलावा सदाबहानी गगास नदी को बचाने के लिए सभी ने संकल्प भी लिया।
लोक गायक नैन नाथ रावल ने लस्का कमर बांधा, हिम्मतक साथा जनगीत सुनाकर लोगों में उत्साह का संचार पैदा कर दिया। झोड़ा, चांचरी आदि गीतों ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। हास्य कलाकार प्रताप सिंह शाही टाइगर ने गीछौ गगासा पड़छो सुसाटा गीत के माध्यम से लोगों को गुदगुदाया। उत्तराखंड परिषद की स्मारिका धरोहर का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार चारु तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट, बीडीसी सदस्य गीता बिष्ट, बेसिक शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत, कुंदन मेहता, डा. पंकज उप्रेती, डा. हयाता सिंह रावत, नई उमंग के अध्यक्ष दीपक मेहता, सचिव सुमित बनेशी, कोषाध्यक्ष प्रकाश बनेशी, आनंद लाल चौधरी, भुवन चंद्र जोश, भुवन कांडपाल, सार्थक प्रयास के पवन तिवारी, गोविंद मेहता, पूरन बिष्ट, इंद्रपाल बनेशी, सुनील बनेशी सहित तमाम लोग मौजूूद थेे।