गांवों से पलायन रोकने के लिए पायलट प्रोजक्ट के रूप में विकासखंड सल्ट के पांच गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों को सुविधाएं मुहैया कराकर विकसित किया जाएगा। सल्ट ब्लॉक कार्यालय में हुई बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि विकासखंड सल्ट के पांच गांवों को पायलट प्रोजक्ट में शामिल किया गया है। गांवों से पलायन रोकने के लिए ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि डडोली, सकनणा, पल्ला गधेरा, पूनाकोट, भवाली गांवों को पायलट प्रोजक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। इन गांवों में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पशुपालन, फसल उत्पादन, जड़ी-बूटी आदि कार्यों को बढ़ावा देकर गांवों को विकसित किया जाएगा। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर उपरोक्त गांवों में ग्रामीणों की खुली बैठक कराकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अपर आयुक्त ग्राम विकास आरएस पोखरिया ने कहा कि इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपबल्ध कराई जाएंगी ताकि ग्रामीण गांवों में ही रोजगार कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
उन्होंने बताया कि मनरेगा से संबंधित रेन वाटर टैंक, पौधरोपण, सुअर रोधी दीवार आदि कार्य कराए जाएंगे। बैठक में ब्लॉक प्रमुख मुन्नी आर्या, खंड विकास अधिकारी रवि कुमार सैनी, गंभीर चंद्र रमोला, दलीप भंडारी, गोविंद नेगी, गिरीश पुरोहित, पवन कुमार, अभिषेक कुमार, गीता रिखाड़ी, कविता मनराल, नितिन कुमार, अजय गोस्वामी, आनंद चौधरी, चंद्रमोहन रावत, सुंदर वर्मा, जितेंद्र रावत, पंकज कुमार, मो. सलीम, चंद्रकेतू, बृजमोहन पवार, हुकुम सिंह क्वार्बी आदि मौजूद थे।