अल्मोड़ा नगर में लोगों को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। नगर के इतिहास में पहली बार जिला प्रशासन ने कई मोहल्लों में सोमवार को खच्चरों से पानी पहुंचाया। डीएम सविन बंसल के निर्देश पर एसडीएम विवेक राय की निगरानी में खच्चरों से पानी ढोने का काम चल रहा है। सर्किट हाउस स्थित टैंक से खच्चरों से पानी लाकर मोहल्लों में रखे गए टैंकों में पहुंचाया जा रहा है। उसके बाद लोगों को काम चलाने भर के लिए पानी बांटा जा रहा है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से पानी की किल्लत चल रही है। कोसी में बैराज भी बन गया है पर फिर भी पानी की किल्लत दूर नहीं हुई है। जल संस्थान और प्रशासन के अधिकारी बारिश के बाद कोसी नदी में गाद आने से यह स्थिति उत्पन्न होने की बात कह रहे हैं। गत दिवस जिले के भ्रमण पर आए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अधिकारियों को पेयजल संकट से निपटने के कड़े निर्देश दिए थे। सीएम के निर्देश के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी उपजिलाधिकारियों और पेयजल विभाग के अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अल्मोड़ा में अनेक मोहल्लों में टैंकर नहीं पहुंच सकते हैं। पैदल रास्ते वाले इन मोहल्लों में पानी की अधिक किल्लत है। सोमवार को एसडीएम सदर विवेक राय और तहसीलदार मोहन सिंह ने अपनी निगरानी में सर्किट हाउस से खच्चरों के माध्यम से पानी मंगवाकर नगर के बांसगली, प्यारापानी, भ्यारखोला, धूनी मंदिर, मस्जिद के पास रखे टैंकों को भरवाया। उसके बाद इन टैंकों से लोगों को पानी बांटा जा रहा है। डीएम ने कहा है कि जिन स्थानों पर अधिक पेयजल संकट है वहां पर यह अभियान चलाया जा रहा है।